Wednesday, June 26, 2019

मोदी ने कहा कांग्रेस इतनी ऊंची चली गई है कि उसे ज़मीन दिखती ही नहीं

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद को संबोधित किया.
मोदी ने कहा कि कई दशकों के बाद देश में एक सरकार को दोबारा पहले से अधिक ताक़त के साथ जनता ने चुना है. सोमवार को ओडिशा से पहली बार सांसद चुने गए प्रताप सारंगी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत की थी.
मोदी ने कहा कि देश के जितने महापुरुष हुए सबने आख़िरी छोर पर बैठे लोगों की भलाई की बात कही और पिछले पाँच सालों के कार्यकाल में सरकार के मन में यही भाव रहा कि जिसका कोई नहीं है उसकी सरकार ही होती है.
प्रधानमंत्री ने कहा, ''पहले जनता के मन में सवाल होता था कि सरकार क्यों नहीं करती है अब लोग सवाल पूछते हैं कि सरकार क्यों कर रही है? कांग्रेस कहती है कि उनकी ऊंचाई को कोई कम नहीं कर सकता. हम किसी की लकीर छोटी करने में विश्वास नहीं करते बल्कि अपनी लकीर बड़ी करते हैं. आपको वो ऊंचाई मुबारक हो. आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि आपको ज़मीन नहीं दिखती है. ज़मीन वाले तुच्छ दिखते हैं. हमारी कामना है कि आप और ऊंचाई पर जाएं क्योंकि हमारा सपना जड़ो से जुड़ने का है. हम ऊंचाई की स्पर्धा में हैं ही नहीं. आपको यह ऊंचाई मुबारक हो.''
मोदी ने कहा, ''2004 से पहले अटल बिहारी की सरकार थी. 2004 से 2014 तक कांग्रेस की सरकार रही लेकिन इन्होंने कभी अटल जी की सरकार की तारीफ़ नहीं की. नरसिम्हा राव की सरकार की तारीफ़ कभी नहीं की. यहां तक कि कांग्रेस मनमोहन सिंह का भी नाम नहीं लेती है. लाल किले से मैंने कहा कि इस देश की सारी सरकारों ने देश को आगे ले जाने का काम किया है. संसद में भी ये बात कही.''
मोदी ने कहा, ''कांग्रेस के कार्यकाल में नरसिम्हा राव को और मनमोहन सिंह को भारत रत्न क्यों नहीं मिला. यहां तो परिवार से बाहर कोई सोचता ही नहीं है. प्रणव मुखर्जी मेरी सरकार के नहीं थे लेकिन सम्मानित किया. हमने किसी भी योगदान को नकारा नहीं. हम 130 करोड़ की आबादी की बात करते हैं तो इसमें सभी शामिल होते हैं.''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''जब देश आज़ाद तब आयुद्ध की 18 फ़ैक्ट्रियां थीं और चीन के पास कोई फ़ैक्ट्री नहीं थी. आप मेकइन इंडिया का मज़ाक़ उड़ाकर क्या करेंगे जी? हो सकता है आपको अच्छी नींद आ जाए लेकिन इससे देश को क्या मिलेगा?''
पीएम मोदी ने कहा, ''कांग्रेस को कई बार अच्छे मौक़े मिले लेकिन इतने ऊंचे हैं कि इन्हें कुछ दिखता ही नहीं. इनके पास यूनिफॉर्म सिविल कोड का मौक़ा था लेकिन मौक़ा गंवा दिया. शाहबानो केस में भी मौक़ा था लेकिन कांग्रेस इतनी ऊंचाई पर चली गई थी कि कुछ दिखा ही नहीं. जब शाहबानो का मसला चल रहा था तब कांग्रेस के एक मंत्री ने कहा था कि मुसलमानों के उत्थान की ज़िम्मेदारी कांग्रेस की नहीं है अगर वो गटर में रहकर जीना चाहते हैं तो रहें.''
सदन में पीएम मोदी से कांग्रेस ने पूछा कि किसने ये बात कही थी तो उन्होंने कहा कि यूट्यूब का लिंक भेज देंगे.
मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ''आज 25 जून है साहब. बहुत लोगों को जानकारी भी नहीं होगी की 25 जून क्या है. 25 जून की वो रात जब देश की आत्मा को कुचल दिया गया था. भारत में लोकतंत्र संविधान के पन्नों से नहीं है बल्कि भारत में लोकतंत्र सदियों से रहा है. पूरे देश को क़ैदख़ाना बना दिया गया ताकि उनकी सत्ता बनी रहे. न्यायपालिका के साथ क्या हुआ था? संविधान की बातें करना और उसे कुचलने की बात को हम भूल नहीं सकते. हम आपातकाल के दाग़ को याद करते रहेंगे ताकि कोई फिर ऐसी कोशिश ना करे.''
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ख़ुद पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को एक बार फिर ख़ारिज किया है.
हाल ही में 75 साल की कॉलमिस्ट ए. जॉन कैरल ने आरोप लगाया था कि 1990 में ट्रंप ने न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंट स्टोर में उनका यौन उत्पीड़न किया था. ट्रंप ने कहा कि वो 'पूरी तरह झूठ बोल रही हैं.'
ट्रंप ने कहा, "मैं सम्मान के साथ अपनी बात कहना चाहता हूं. पहला, वो मेरी टाइप की नहीं है. दूसरा, जो वो कह रही हैं वैसा कभी नहीं हुआ. ठीक है?"
शुक्रवार को न्यूयॉर्क मैगज़ीन के ज़रिये कैरल ने अमरीकी राष्ट्रपति पर आरोप लगाया था.
राष्ट्रपति की सफ़ाई पर सीएनएन से बात करते हुए कैरल ने कहा, "अच्छा है कि मैं उनके टाइप की नहीं हूं."
कैरल का कहना हा कि 1995 के आख़िर या 1996 की शुरुआत में मैनहैटन के बर्गडॉर्फ गुडमैन स्टोर में यह घटना हुई थी.
कैरल के मुताबिक, डोनल्ड ट्रंप ने उनसे एक दूसरी महिला के लिए अंतर्वस्त्र चुनने में मदद मांगी और मज़ाकिया लहजे में उनसे पूछा कि क्या वे उन्हें पहनकर भी दिखा सकती हैं.
कैरल का आरोप है कि ट्रायल रूम में ट्रंप उन पर झपट पड़े, उन्हें दीवार से लगाकर ख़ुद को उन पर थोप दिया.
कैरल का कहना है कि काफी संघर्ष के बाद उन्होंने ट्रंप को धक्का देकर ख़ुद से अलग किया.
कैरल समेत अब तक 16 महिलाएं ट्रंप पर यौन शोषण के आरोप लगा चुकी हैं.
न्यूयॉर्क टाईम्स की दो महिला पत्रकारों ने भी कहा था कि डोनल्ड ट्रंप ने उन्हें ग़लत तरीके से छुआ था.
पीपल्स मैगज़ीन की एक रिपोर्टर का आरोप है कि ज़बरदस्ती उनका चुंबन लिया गया, जबकि एक अन्य महिला ने कहा था कि ट्रंप ने उनके नितंबों को छुआ था.
2016 में वाशिंगटन पोस्ट ने 46 साल की क्रिस्टीना एंडरसन के हवाले से लिखा था कि डोनल्ड ट्रंप ने साल 1990 में न्यूयार्क के एक क्लब में उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया था.
41 साल की समर ज़ेरवोस ने आरोप लगाया था कि 2007 में ट्रंप ने उन्हें नौकरी के सिलसिले में मिलने बुलाकर यौन दुर्व्यवहार किया था.

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